मध्य प्रदेश के गुना जिले से शर्मनाक तस्वीर सामने आ रही है. जिले के सतनपुर गांव में लोगों को मौत के बाद भी सुकून नहीं मिल रहा.
यहां मृतक को विधि-विधान से अंतिम संस्कार के लिए ठीक-ठाक श्मशान घाट भी नसीब नहीं हो रहा है, मुक्तिधाम पर टीन से लोगों को जलाने में कितनी समस्या आई है, ये आप वीडियो में देख सकते हो चारों तरफ पानी ही पानी है, कितनी समस्या में चिता को अग्नि दी है। सतनपुर के पोस्ट मास्टर बाबूलाल अहिरवार के भाई हजरत सिंह की 18 जुलाई को सर्प के काटने से मृत्यु हो गई थी जिनको जलाने के लिए मुक्तिधाम पहुंचे लेकिन मुक्तिधाम के जब हालात देखे तो बहा पर टीन सेट तक नहीं है जो टीन सेट किया था बो कब का हवा में उड़ चुका है ग्राम पंचायत के सरपंच, सेकेट्री उस पर ध्यान दे रहे हैआलम यह है कि बारिश में अगर किसी की मौत हो जाए, तो उसके शव का अंतिम संस्कार टीन की चादर पकड़कर करना पड़ता है , हैरानी की बात यह है कि प्रशासन को इसकी जानकारी है, लेकिन इसके बावजूद श्मशान घाट की किसी ने उचित व्यवस्था नहीं की. गांव में किसी की मौत के बाद अंतिम संस्कार के लिए उसकेे परिजनों को परेशान होना पड़ता है, मप्र में सरकार, गांंवों के विकास, व उनकी सुविधाओं के नाम पर करोड़ों रुपए हर साल खर्च करने का दावा करती है, लेकिन सिस्टम की सबसे शर्मनाक तस्वीर यह है कि मरने के बाद भी विधि विधान से अंंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट पर मृतकों को एक अदद छत भी नसीब नहीं हो पाती है |
गुना जिले के सतनपुर गांव के एक मृतक के अंतिम संस्कार का वीडियो वायरल हो रहा वीडियो इसका गवाह है, जहां पन्नी की चादर पकड़कर मृतक का अंतिम संस्कार करना पड़ता है, क्योंकि यहां के श्मशान घाट के नाम पर मात्र एक खुला स्थान है, न कोई छाया या छत है |