मुख्य हेडलाइन: आगरा में चंद्रशेखर का ‘विराट’ शक्ति प्रदर्शन; संविधान बचाने की शपथ और 2027 का शंखनाद!
आगरा | ब्यूरो रिपोर्ट,………ताजनगरी आगरा आज एक अलग ही रंग में रंगी नज़र आई। मौका था आज़ाद समाज पार्टी (ASP) की ‘संवैधानिक अधिकार बचाओ, भाईचारा बनाओ’ रैली का। जीआईसी मैदान में पैर रखने तक की जगह नहीं बची थी। सुबह से ही उत्तर प्रदेश के कोने-कोने से नीली टोपियां और झंडे लिए युवाओं का जत्था आगरा की सड़कों पर उतर आया।
1. मैदान का ऐतिहासिक महत्व
चंद्रशेखर ने इस रैली के लिए उसी मैदान और धरती को चुना जहाँ से कभी डॉ. बी.आर. अंबेडकर ने देश के बहुजनों को एकजुट होने का संदेश दिया था। रैली का उद्देश्य 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले अपनी ताकत दिखाना और दलित-पिछड़ा वर्ग को एक मंच पर लाना है।
2. मंच से बरसे ‘आज़ाद’: प्रमुख बयान
चंद्रशेखर आज़ाद ने अपने चिर-परिचित अंदाज़ में गरजते हुए कहा:
* “दुश्मन की पहचान करना सीख लें, तो संविधान का राज आने में 5 साल भी नहीं लगेंगे।”
* उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि दलितों और पिछड़ों के अधिकारों का हनन अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
* सांसद ने युवाओं से अपील की कि वे शिक्षा और संगठन को अपना हथियार बनाएं।
3. रैली के दौरान हंगामा और जोश
भारी भीड़ के कारण रैली स्थल पर जबरदस्त धक्का-मुक्की भी देखने को मिली। जोश इतना अधिक था कि पुलिस प्रशासन को व्यवस्था संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। कुछ जगहों पर कार्यकर्ताओं के बीच नोक-झोंक की खबरें भी आईं, जिसे मंच से खुद चंद्रशेखर ने शांत कराया और एकता का संदेश दिया।
4. सियासी गलियारों में खलबली…राजनीतिक पंडितों का मानना है कि आगरा की यह रैली केवल एक सभा नहीं, बल्कि मिशन 2027 का आगाज़ है। जिस तरह से आगरा और आसपास के जिलों से भारी भीड़ उमड़ी है, उसने विपक्षी खेमों की नींद उड़ा दी है।
