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करंट से युवक की मौत पर अशोकनगर में बवाल: परिजनों ने कलेक्ट्रेट घेरा, अस्पताल के बाहर चक्काजाम

पुलिस की FIR से असंतुष्ट परिवार ने की गैरइरादतन हत्या की धारा जोड़ने की मांग, घंटों ठप रहा ट्रैफिक

अशोकनगर | ब्यूरो रिपोर्ट शहर की त्रिलोकपुरी कॉलोनी में करंट लगने से हुई 34 वर्षीय राजेश अहिरवार की मौत ने शुक्रवार को उग्र रूप ले लिया। पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर को नाकाफी बताते हुए मृतक के परिजनों और समाज के लोगों ने कोतवाली थाने से लेकर कलेक्ट्रेट तक विशाल प्रदर्शन किया। आक्रोशित लोगों ने जिला अस्पताल के सामने शव रखकर धरना दिया और सड़क पर चक्काजाम कर दिया, जिससे घंटों तक आवागमन बाधित रहा।

क्या है पूरा मामला?    जानकारी के अनुसार, मानक चौक निवासी राजेश अहिरवार (हाल निवासी त्रिलोकपुरी) बगुल्या निवासी शिवकुमार रघुवंशी के यहां ड्राइवर के रूप में कार्यरत था। परिजनों का आरोप है कि गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे राजेश को जबरन बिजली के खंभे पर चढ़ाकर काम कराया जा रहा था, जबकि उसे बिजली के काम का कोई अनुभव नहीं था। इसी दौरान वह हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आ गया।

  1. परिजनों के गंभीर आरोप…परिजनों ने आरोप लगाया कि राजेश को बिना किसी सुरक्षा उपकरणों के मौत के मुंह में धकेला गया। घटना के बाद आरोपी उसे अस्पताल छोड़कर फरार हो गया। यदि उसे समय पर सही इलाज मिलता, तो उसकी जान बच सकती थी। मृतक की पत्नी के बयानों के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 106(1) BNS के तहत मामला दर्ज किया है, जिसे परिजन ‘मामूली’ बता रहे हैं।

प्रदर्शन की मुख्य मांगें:…धाराओं में बदलाव: आरोपी पर लापरवाही के बजाय गैरइरादतन हत्या (Culpable Homicide) की धाराएं लगाई जाएं।

मुआवजा: गरीब परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य की मौत पर आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।

गिरफ्तारी: आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित हो।प्रशासनिक दखल के बाद संभले हालात

प्रदर्शन की उग्रता को देखते हुए कलेक्ट्रेट और अस्पताल परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया। मौके पर पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक अमले ने परिजनों को निष्पक्ष जांच और उचित कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।

बॉक्स न्यूज: “ड्राइवर था, बिजलीकर्मी नहीं”

प्रदर्शन के दौरान मृतक के भाई ने कहा, “मेरा भाई गाड़ी चलाने गया था, खंभे पर चढ़ने नहीं। मालिक ने अपनी रसूख के दम पर उसे जान जोखिम में डालने पर मजबूर किया। जब तक कड़ी धाराएं नहीं लगतीं, हमारा संघर्षजारी रहेगा।”

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