उम्रकैद, इश्क और इबादत: सतना जेल की महिला अधिकारी ने पूर्व कैदी से रचाई शादी
अनुच्छेद 21 देता है अपनी पसंद से विवाह करने का मौलिक अधिकार |

सतना/छतरपुर, मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश से एक ऐसी प्रेम कहानी सामने आई है, जिसने समाज, कानून औ।र रिश्तों को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। सतना सेंट्रल जेल की सहायक अधीक्षक फिरोजा खातून ने हत्या के मामले में 14 वर्ष की सजा पूरी कर चुके धर्मेंद्र सिंह से विवाह कर लिया। यह शादी 5 मई को छतरपुर जिले के लवकुशनगर में हिंदू रीति-रिवाज से संपन्न हुई।
जेल में हुई मुलाकात, दोस्ती से प्यार तक पहुंची कहानी
जानकारी के अनुसार, फिरोजा खातून सतना सेंट्रल जेल में वारंट इंचार्ज के पद पर कार्यरत थीं। इसी दौरान उनकी मुलाकात धर्मेंद्र सिंह से हुई, जो जेल में अपनी सजा काट रहे थे और अच्छे आचरण के कारण जेल के विभिन्न कार्यों में सहयोग करते थे। समय के साथ दोनों के बीच बातचीत बढ़ी, दोस्ती हुई और यह रिश्ता प्रेम में बदल गया।
परिवार की असहमति के बीच लिया विवाह का निर्णय
दोनों ने सामाजिक और धार्मिक भिन्नताओं के बावजूद साथ जीवन बिताने का फैसला किया। बताया जा रहा है कि फिरोजा खातून के परिजन इस विवाह के पक्ष में नहीं थे। इसके बावजूद दोनों ने आपसी सहमति से विवाह किया।
विश्व हिंदू परिषद पदाधिकारी ने निभाया कन्यादान
इस विवाह की एक विशेष बात यह रही कि Vishwa Hindu Parishad के जिला उपाध्यक्ष राजबहादुर मिश्रा और उनकी पत्नी ने कन्यादान की रस्म निभाई। विवाह समारोह में बजरंग दल के कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विवाह संपन्न हुआ।
कानून देता है अपनी पसंद से विवाह का अधिकार
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 21 प्रत्येक नागरिक को जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार देता है। Supreme Court of India ने कई महत्वपूर्ण फैसलों में स्पष्ट किया है कि बालिग व्यक्तियों को अपनी पसंद से विवाह करने का मौलिक अधिकार है।
इसके अतिरिक्त, Special Marriage Act, 1954 विभिन्न धर्मों और समुदायों के वयस्कों को कानूनी रूप से विवाह करने की अनुमति देता है।
सजा पूरी कर सामान्य जीवन की ओर लौटे धर्मेंद्र सिंह
धर्मेंद्र सिंह अपनी 14 वर्ष की सजा पूरी कर चुके हैं और रिहा होने के बाद अब एक सामान्य नागरिक की तरह जीवन जी रहे हैं। ऐसे में कानून उन्हें समान अधिकार और सम्मान के साथ नया जीवन शुरू करने का अवसर देता है।
समाज में चर्चा का विषय बनी प्रेम कहानी
फिरोजा खातून और धर्मेंद्र सिंह की यह कहानी इस बात का उदाहरण है कि प्रेम सामाजिक और धार्मिक सीमाओं से परे जाकर भी अपना रास्ता बना सकता है। यह विवाह आज पूरे प्रदेश और देश में चर्चा का विषय बना हुआ है।