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BIG BREAKING: दमोह में लोकायुक्त का बड़ा धमाका; ₹80,000 की रिश्वत लेते 3 ‘बाबू’ रंगे हाथों गिरफ्तार!

शिक्षा विभाग में लोकायुक्त की 'सर्जिकल स्ट्राइक'; ₹80,000 की घूस लेते 3 अधिकारी गिरफ्तार !

दमोह | MP:–  मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ मामा की सरकार और लोकायुक्त की ज़ीरो टॉलरेंस नीति का बड़ा असर देखने को मिला है। सागर लोकायुक्त की टीम ने दमोह में शिक्षा विभाग के भ्रष्टाचार के गंदे खेल का पर्दाफाश करते हुए तीन क्लर्कों (बाबुओं) को रंगे हाथों दबोच लिया है।

इस कार्रवाई के बाद से पूरे शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है और भ्रष्ट अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं।

🚨 आधी रात को बिछाया जाल, पॉलिटेक्निक कॉलेज के पास ‘ट्रैप’

4 मई 2026 की रात जब शहर शांत था, तब सागर लोकायुक्त की टीम एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम दे रही थी। दमोह-जबलपुर मार्ग पर स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज के पास टीम ने घेराबंदी की। जैसे ही DEO कार्यालय के तीन बाबुओं ने रिश्वत की रकम थामी, पहले से घात लगाकर बैठी लोकायुक्त टीम ने उन्हें दबोच लिया।

बरामद राशि: ₹80,000 नकद

आरोपी: जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय के 3 बाबू

स्थान: पॉलिटेक्निक कॉलेज के पास, दमोह

📋 क्या था पूरा मामला? (शिक्षक की बहाली का सौदा)

भ्रष्टाचार की यह कहानी पटेरा के शासकीय विद्यालय में पदस्थ प्राथमिक शिक्षक नवेन्द्र कुमार आठया से शुरू होती है।

निलंबन का दबाव: शिक्षक नवेन्द्र कुमार वर्तमान में सस्पेंड चल रहे थे।

रिश्वत की डिमांड: उनकी बहाली और विभागीय जांच को खत्म करने के बदले बाबुओं ने ₹1 लाख की मांग की थी।

शिकायत और सत्यापन: हार मानकर बैठने के बजाय शिक्षक ने 13 अप्रैल को सागर लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की पुष्टि की और सौदा ₹80,000 में तय हुआ।

🕵️ इन दिग्गजों के नेतृत्व में हुई कार्रवाई

सागर संभाग के उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह और पुलिस अधीक्षक योगेश्वर शर्मा के मार्गदर्शन में यह सफल ऑपरेशन चलाया गया। मौके पर निरीक्षक मंजू किरण तिर्की और रंजीत सिंह की टीम ने प्रोफेशनल तरीके से आरोपियों को जाल में फंसाया।

बड़ी खबर: आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल टीम आगे की कगजी कार्रवाई और कार्यालय के अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है।

📢 जनता के लिए संदेश: चुप मत रहिए!

दमोह की यह कार्रवाई एक बड़ा सबक है। अगर कोई भी सरकारी कर्मचारी आपके जायज काम के लिए पैसों की मांग करता है, तो डरे नहीं। कानून आपके साथ है। लोकायुक्त की इस कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि “भ्रष्टाचारी चाहे कितना भी रसूखदार क्यों न हो, वह कानून की नजरों से बच नहीं पाएगा।”

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संवाददाता:- अशोक अहिरवार

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