हटा के सरकारी अस्पताल की हकीकत: मरीजों के अधिकारों पर सवाल, वीडियो ने खोली व्यवस्था की पोल।
“सिस्टम के खिलाफ आवाज उठाई… तो मिला डर और दबाव!”

संविधान समाचार 📍 हटा (दमोह)
हटा के एकमात्र शासकीय अस्पताल से जुड़ा एक वीडियो इन दिनों तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने यहां की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि अस्पताल में आज जो घटनाक्रम सामने आया, वह कोई नई बात नहीं है, बल्कि इससे पहले भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जहां मरीजों और उनके परिजनों को कथित तौर पर दबाव और डर का सामना करना पड़ा।
वायरल वीडियो में दिख रहा है कि कुछ जागरूक युवा अस्पताल के कर्मचारियों की कार्यशैली का वीडियो बना रहे थे। आरोप है कि इसी बात से नाराज़ होकर स्टाफ और चिकित्सकों ने पीड़ितों पर हावी होने की कोशिश की। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले भी ऐसे मामलों में पीड़ित पक्ष के खिलाफ झूठी FIR दर्ज कराने तक की नौबत आ चुकी है।
एक अन्य वीडियो में अस्पताल स्टाफ की भाषा और व्यवहार भी सवालों के घेरे में है। आरोप है कि सवाल पूछने वाले मरीजों या उनके परिजनों पर शराब पीने जैसे आरोप लगाकर उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जाती है। इससे आम लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
स्थानीय नागरिकों ने यह भी गंभीर आरोप लगाए हैं कि अस्पताल में कार्यरत कई डॉक्टरों के निजी मेडिकल स्टोर से संबंध हैं, जहां वे अधिक समय बिताते हैं। इसी कारण शासकीय अस्पताल की सुविधाएं आम मरीजों तक सही तरीके से नहीं पहुंच पातीं। मरीजों को मजबूरी में बाहर दवाएं लेने के लिए भेजा जाता है।
इसके अलावा, एक विशेष चिकित्सक के व्यवहार को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि वे अपने प्रभाव और रिश्तेदारी का उपयोग कर मनमानी करते हैं और शिकायतों को दबाने की कोशिश करते हैं।
मांग उठी जांच और कार्रवाई की
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो आम जनता का भरोसा सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से पूरी तरह उठ सकता है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई होती है या नहीं।
संवाददाता:- अशोक अहिरवार की खबर
