*अशोकनगर में अनुसूचित जाति कांग्रेस ने खोला मोर्चा, कलेक्टर को सौंपा 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन |
अशोकनगर
MP/ अशोकनगर:- जिले के अनुसूचित जाति, जनजाति और वंचित वर्गों के अधिकारों को लेकर अनुसूचित जाति कांग्रेस ने प्रशासन के खिलाफ हुंकार भरी है। शुक्रवार को कार्यकर्ताओं ने लामबंद होकर कलेक्ट्रेट का घेराव किया और जिला कलेक्टर के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में प्रशासनिक लापरवाही, जातिगत भेदभाव और भ्रष्टाचार जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए 11 प्रमुख मांगों के निराकरण की मांग की गई है।
महाविद्यालय के नामकरण और अतिक्रमण का मुद्दा गरमाया
ज्ञापन में प्रमुखता से मांग की गई कि ईसागढ़ शासकीय महाविद्यालय का नामकरण संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर करने की प्रक्रिया को तत्काल अंतिम स्वीकृति दी जाए। साथ ही, ईसागढ़ में श्री आनंदपुर ट्रस्ट द्वारा अनुसूचित जाति/जनजाति और सरकारी भूमि पर किए गए कथित अवैध कब्जे और बाउंड्रीवॉल को ढहाने की मांग की गई है। इस संबंध में 12 पृष्ठों के साक्ष्य भी प्रशासन को सौंपे गए हैं।
भर्ती प्रक्रिया और सरकारी विभागों में भेदभाव के आरोप:- कांग्रेस ने सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि इंटरव्यू के दौरान एससी/एसटी वर्ग के अभ्यर्थियों के साथ भेदभाव किया जाता है और योग्यता के बावजूद उन्हें कम अंक देकर बाहर कर दिया जाता है। इसके अलावा, सरकारी विभागों में कार्यरत दलित अधिकारियों और कर्मचारियों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने, उनके वेतन रोकने और झूठी शिकायतों के आधार पर निलंबन कराने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं।
*प्रमुख मांगें जिन पर टिकी हैं नजरें:*
* शहीद का सम्मान: वीर सपूत शहीद सब-इंस्पेक्टर राजकुमार जाटव की प्रतिमा स्थापित की जाए।
* अंबेडकर भवन: जिले के सभी अंबेडकर भवनों को दलित समाज के आयोजनों के लिए पूर्णतः निःशुल्क किया जाए।
* पट्टों पर कब्जा: स्वीकृत पट्टों का तत्काल अमल कर लाभार्थियों को भूमि पर कब्जा दिलाया जाए।
* भ्रष्टाचार पर रोक: आदिम जाति कल्याण विभाग में व्याप्त अनियमितताओं और जिला संयोजिका के कार्यकाल की उच्च स्तरीय जांच हो।
* कानूनी सुरक्षा: थानों में एफआईआर दर्ज करने में होने वाली परेशानी और एससी/एसटी एक्ट की राहत राशि में देरी को तत्काल समाप्त किया जाए।
ग्वालियर की घटना पर आक्रोश …ज्ञापन में ग्वालियर उच्च न्यायालय में बाबा साहेब की प्रतिमा स्थापित करने और हाल ही में असामाजिक तत्वों द्वारा पुतला दहन के प्रयास की कड़ी निंदा की गई। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई और जिले की मांगों को समय सीमा में पूरा नहीं किया गया, तो संगठन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा।