
विशेष संवाददाता, लखनऊ | शनिवार, 7 फरवरी 2026
लखनऊ:- बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की चार बार मुख्यमंत्री रहीं माननीया बहन कु. मायावती जी ने शनिवार को लखनऊ स्थित प्रदेश कार्यालय में यूपी विधानसभा आमचुनाव-2027 के मद्देनजर एक बड़ी रणनीतिक बैठक की। इस बैठक में प्रदेश, मंडल, जिला और सभी 403 विधानसभा सीटों के पदाधिकारियों को जीत का मंत्र देते हुए उन्होंने संगठन में व्यापक बदलाव के निर्देश दिए।
मिशन-2007 की तर्ज पर मिशन-2027 की तैयारी……मायावती जी ने स्पष्ट किया कि पार्टी इस बार ‘मिशन-2027’ को ‘मिशन-2007’ की तर्ज पर धरातल पर उतारेगी। उन्होंने जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने के लिए ‘मिशनरी’ कार्यकर्ताओं को तरजीह देते हुए उन्हें अहम जिम्मेदारियां सौंपीं। उन्होंने कहा कि “विरोधी पार्टियों के साम, दाम, दण्ड, भेद जैसे हथकंडों का जवाब देने के लिए अब कार्यकर्ताओं को पूरी जी-जान से जुट जाना होगा।”
ब्राह्मण समाज की ‘उपेक्षा’ पर बीजेपी पर प्रहार…बैठक के दौरान मायावती ने ब्राह्मण समाज की नाराजगी को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार में ब्राह्मण समाज अपनी उपेक्षा, असुरक्षा और असम्मान को लेकर मुखर है। उन्होंने याद दिलाया कि बीएसपी के शासनकाल में ब्राह्मणों सहित सर्वसमाज को पूरा आदर-सम्मान और पद दिया गया था।
“आज मुट्ठी भर लोगों के स्वार्थों की पूर्ति हो रही है, जबकि बाकी पूरा समाज त्रस्त है। बीएसपी ही एकमात्र विकल्प है जो ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के सिद्धांत पर न्याय सुनिश्चित कर सकती है।”
आरक्षण और रोजगार पर घेराबंदी…….मायावती ने एससी, एसटी और ओबीसी आरक्षण को लेकर विपक्षी दलों के ‘चाल, चरित्र और चेहरे’ पर सवाल उठाए। उन्होंने यूजीसी के नियमों को सामाजिक तनाव का नया कारण बताया और कहा कि ठेका व आउटसोर्स प्रथा ने युवाओं का भारी शोषण किया है। उन्होंने मांग की कि प्रदेश में रोजगार युक्त समतामूलक विकास के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना अनिवार्य है।
संसद के हंगामे और ‘घटिया ड्रामे’ पर नाराजगी. संसद के वर्तमान बजट सत्र पर टिप्पणी करते हुए बीएसपी प्रमुख ने सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने सत्र के दौरान हो रहे हंगामे, निलंबन और वॉकआउट को ‘जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने वाला ड्रामा’ बताया। उन्होंने कहा कि संसद में सवाल-जवाब के जरिए तथ्यों के आधार पर चर्चा होनी चाहिए ताकि जनता सही-गलत का फैसला कर सके।
वोटर लिस्ट (SIR) और मीडिया से अपील
बैठक से पूर्व मीडिया को संबोधित करते हुए मायावती ने अधिकारियों से अपील की कि वे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान गरीबों, मजदूरों और महिलाओं को वोटर लिस्ट में शामिल करने में सहानुभूतिपूर्वक सहयोग करें। उन्होंने कार्यकर्ताओं को आगाह किया कि कुछ स्वार्थी दलित संगठन और विरोधी दल बीएसपी के जनाधार को कमजोर करने के लिए नए-नए षड्यंत्र रच रहे हैं, जिनसे सचेत रहने की जरूरत है।
बैठक के मुख्य आकर्षण (Brief Points)। स्थान: 12, माल एवेन्यू, बीएसपी प्रदेश कार्यालय, लखनऊ।प्रतिभागी: प्रदेश, मंडल, जिला और सभी 403 विधानसभाओं के अध्यक्ष व प्रभारी। प्रमुख नारा: ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के साथ पूर्ण बहुमत की सरकार।
बड़ी मांग: ‘घूसखोर पंडत’ जैसी जातिवादी फिल्मों और वेब सीरीज पर केंद्र तुरंत प्रतिबंध लगाए।
