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अशोकनगर में: संविधान बचाने एकजुट हुआ ‘बहुजन समाज’, प्रेस वार्ता में फूंका आंदोलन का बिगुल; उठी 8 सूत्रीय मांगें

ओबीसी का 13% होल्ड हटाने और जातीय जनगणना की उठी मांग , एससी, एसटी और ओबीसी समाज ने मिलाया हाथ

हक की हुंकार: अशोकनगर में 28 को एकजुट होगा SC-ST और OBC समाज, संविधान बचाने निकलेंगी हजारों की टोलियां

अशोकनगर | 26 फरवरी 2026

​अशोकनगर की सड़कों पर आगामी 28 फरवरी को सामाजिक न्याय की एक बड़ी लहर दिखाई देगी। दीनाभाना साहब की जयंती के उपलक्ष्य में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) समाज ने मिलकर एक साझा मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को आयोजित एक संयुक्त प्रेस वार्ता में ‘ओबीसी, एससी, एसटी एकता मंच’ ने प्रशासन और सरकार के खिलाफ ‘संविधान बचाओ–आरक्षण बचाओ’ आंदोलन का शंखनाद किया।

विमानों के चबूतरे पर जुटेगा जनसैलाब

​एकता मंच के पदाधिकारियों ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि शनिवार, 28 फरवरी को सुबह 11 बजे पछाड़ीखेड़ा रोड स्थित विमानों के चबूतरे पर एक विशाल आमसभा का आयोजन किया जाएगा। इस सभा में जिले भर से हजारों की संख्या में लोग जुटेंगे, जिसके बाद एक विशाल रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासन को राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।

प्रमुख एजेंडा: आरक्षण और हिस्सेदारी पर सीधा प्रहार

प्रेस वार्ता में वक्ताओं ने 8 प्रमुख मांगों को रेखांकित किया, जो इस आंदोलन की नींव हैं:

  1. OBC का 13% होल्ड: वक्ताओं ने कहा कि ओबीसी समाज का 13 प्रतिशत आरक्षण लंबे समय से होल्ड पर है, जिसे तत्काल बहाल किया जाना चाहिए।
  2. सियासी आरक्षण: पंचायत से लेकर संसद तक, विधानसभा और लोकसभा में भी ओबीसी को उनकी आबादी के अनुपात में आरक्षण मिले।
  3. जातीय जनगणना: समाज की मांग है कि जनगणना में ओबीसी का अलग कॉलम हो ताकि ‘जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी’ का सिद्धांत लागू हो सके।
  4. बैकलॉग भर्तियां: सरकारी विभागों में एससी, एसटी और ओबीसी के हजारों पद खाली पड़े हैं, जिन्हें विशेष अभियान चलाकर भरा जाए।
  5. न्यायिक सम्मान: ग्वालियर हाईकोर्ट परिसर में संविधान निर्माता बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने की मांग भी जोर-शोर से उठाई गई।

आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का सवाल”

​मंच के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल के विरोध में नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए है। उन्होंने कहा, “आज यूजीसी से लेकर सरकारी नौकरियों तक में हमारे हक कम किए जा रहे हैं। यदि आज हम चुप रहे, तो आने वाली पीढ़ियां हमें माफ नहीं करेंगी।” ##

# प्रशासनिक सतर्कता और शांति की अपील….आयोजकों ने विश्वास दिलाया है कि पूरा आंदोलन पूरी तरह से अनुशासित और संवैधानिक मर्यादाओं के भीतर होगा। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए समाज के स्वयंसेवक रैली के दौरान सक्रिय रहेंगे। प्रेस वार्ता के अंत में एकता मंच ने अशोकनगर जिले के प्रत्येक गांव और ब्लॉक से समाजबंधुओं को इस ऐतिहासिक आंदोलन का हिस्सा बनने की अपील की है।

मुख्य वक्ता एवं निवेदक: ओबीसी, एससी, एसटी एकता मंच, अशोकनगर (म.प्र.)

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