अपराधों का पुराना खिलाड़ी चिन्ना गिरफ्तार, सोशल मीडिया कनेक्शन भी जांच में”
दबंग पार्षद की दबंगई खत्म! धमकी, मारपीट और भड़काऊ पोस्ट के बाद गिरफ्तारी”

अशोकनगर | MP. 26 मार्च 2026
धमकी, मारपीट और भड़काऊ पोस्ट… आखिरकार शिकंजे में आया फरार पार्षद!
👉 “फरियादी को घर में घुसकर दी जान से मारने की धमकी, फेसबुक पर भी भड़काया माहौल”
अशोकनगर में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले एक बड़े चेहरे पर आखिरकार पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। लंबे समय से फरार चल रहा पार्षद राशिद खान उर्फ चिन्ना अब पुलिस गिरफ्त में है। आरोपी पर न सिर्फ मारपीट और धमकी देने के आरोप हैं, बल्कि सोशल मीडिया के जरिए सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश भी सामने आई है।
⚡ घटना की शुरुआत: सट्टा कनेक्शन से शुरू हुआ विवाद
पूरा मामला 5 मार्च 2026 का है, जब सट्टा किंग आजाद खान के छोटे भाई और पार्षद राशिद खान उर्फ चिन्ना ने अपने साथी अल्ताफ खान के साथ मिलकर पठार मोहल्ला निवासी गोपाल यादव के साथ मारपीट की।
घटना के बाद 13 मार्च को पीड़ित ने कोतवाली थाना पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
🚨 हद पार: घर में घुसकर दी जान से मारने की धमकी
मामला यहीं नहीं थमा… 22 मार्च को आरोपी राशिद खान हथियार लेकर सीधे फरियादी के घर में घुस गया और रिपोर्ट वापस लेने का दबाव बनाते हुए उसे जान से मारने की धमकी दी।
इस दुस्साहसिक घटना के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एक और गंभीर मामला दर्ज कर लिया।
🕵️♂️ फरारी और फिर गिरफ्तारी का खेल
घटनाओं के बाद आरोपी फरार हो गया और लगातार पुलिस से बचता रहा।
पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त निर्देश दिए।
कोतवाली थाना प्रभारी रवि प्रताप सिंह चौहान के नेतृत्व में टीम गठित की गई और मुखबिर तंत्र सक्रिय किया गया।
आखिरकार 25 मार्च को पुलिस ने सटीक सूचना पर दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
📱 सोशल मीडिया बना नया हथियार
फरारी के दौरान आरोपी ने फेसबुक का सहारा लिया और ऐसे पोस्ट किए, जिनसे धार्मिक और जातीय तनाव फैल सकता था।
इन पोस्ट्स को गंभीरता से लेते हुए 26 मार्च को एक और मामला दर्ज कर लिया गया है और साइबर एंगल से जांच जारी है।
📂 हिस्ट्रीशीटर पार्षद: अपराधों की लंबी फेहरिस्त
राशिद खान उर्फ चिन्ना का आपराधिक रिकॉर्ड चौंकाने वाला है।
उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, मारपीट, शासकीय कार्य में बाधा, धमकी और दंगा जैसे कई गंभीर अपराध पहले से दर्ज हैं।
2007 से लेकर 2026 तक लगातार अपराधों में संलिप्तता यह दर्शाती है कि आरोपी लंबे समय से कानून को चुनौती देता आ रहा था।
👮♂️ पुलिस का साफ संदेश: अब नहीं बख्शे जाएंगे ऐसे तत्व
इस पूरी कार्रवाई में कोतवाली पुलिस, एसडीओपी विवेक शर्मा के मार्गदर्शन और पुलिस टीम की अहम भूमिका रही।
पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा ने दो टूक कहा है—
👉 “जिले में कानून व्यवस्था बिगाड़ने और सांप्रदायिक सौहार्द खराब करने वालों के खिलाफ सख्त और लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।”
💥 जनता के बीच संदेश
इस कार्रवाई के बाद साफ संकेत है कि अब दबंगई, धमकी और सोशल मीडिया के जरिए माहौल बिगाड़ने वालों पर पुलिस का सीधा एक्शन होगा।

