क्राइमयूपी

सूरज पटेल गंगवार आत्महत्या प्रकरण में आदेश शंखधार को जमानत, 18 दिन बाद जेल से बाहर आने का रास्ता साफ

18 दिन से रामपुर जेल में बंद थे आदेश शंखधार,

संवाददाता – मुरारी लाल पाण्डेय

रामपुर। मिलक थाना क्षेत्र के लखीमपुर विष्णु गांव निवासी बजरंग दल के पूर्व प्रखंड संयोजक सूरज पटेल गंगवार की आत्महत्या के मामले में आरोपित अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष आदेश शंखधार को रामपुर न्यायालय से जमानत मिल गई है। सोमवार, 7 सितंबर 2026 को न्यायालय में जमानत अर्जी पर दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के बीच लंबी बहस के बाद कोर्ट ने जमानत मंजूर कर दी।

 

सूरज पटेल गंगवार का शव 19 अगस्त 2026 की सुबह गांव के खेत में पेड़ से फंदे पर लटका मिला था। घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में आक्रोश फैल गया था। विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल सहित अन्य संगठनों के कार्यकर्ताओं ने शव को मिलक में रखकर पुलिस-प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया था।

 

मृतक की पत्नी विनीता की तहरीर पर पुलिस ने मिलक के मोहल्ला अब्दुल्लापुर निवासी आदेश शंखधार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस ने आरोपी को धनेली पूर्वी से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था, जहां से उसे जेल भेज दिया गया था। आदेश शंखधार करीब 18 दिनों से रामपुर जेल में बंद थे।

 

पत्नी ने लगाए थे गंभीर आरोप

मृतक की पत्नी विनीता का आरोप था कि एक पुराने मुकदमे में समझौता कराने के बदले आरोपी द्वारा 10 लाख रुपये की मांग की जा रही थी। मांग पूरी नहीं होने पर घर पर बुलडोजर चलवाने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया। पत्नी के अनुसार, मुकदमे को लेकर लगातार दबाव और मानसिक तनाव के चलते उनके पति ने आत्महत्या की।

 

बचाव पक्ष ने कहा—झूठा फंसाया गया

आरोपित की ओर से अधिवक्ता शैलेश कुमार पांडे ने न्यायालय में जमानत के पक्ष में दलीलें रखीं। उनका कहना है कि आदेश शंखधार को मामले में झूठा फंसाया गया है और उनके खिलाफ ऐसी गंभीर धारा नहीं बनती है, जिसके आधार पर उन्हें जेल में रखा जाए।

 

जिला शासकीय अधिवक्ता नवनीत कुमार कश्यप और शैलेश पांडे की ओर से न्यायालय में लंबी बहस हुई। इसके बाद कोर्ट ने आदेश शंखधार की जमानत अर्जी मंजूर कर दी।

 

बताया गया है कि न्यायालय से जमानत संबंधी परवाना रामपुर जेल पहुंचने के बाद सोमवार रात करीब 9 बजे आदेश शंखधार के जेल से बाहर आने की संभावना है।

रामपुर से संविधान समाचार संवाददाता मुरारी लाल पांडे की रिपोर्ट।

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