जिला अस्पताल बना तालाब! पन्ना में वार्डों में घुसा बारिश का पानी, मरीजों और नवजातों की सुरक्षा पर उठे सवाल
अस्पताल में जलभराव... जिम्मेदार कौन?

पन्ना। मध्य प्रदेश के पन्ना जिला अस्पताल में लगातार बारिश के बाद गंभीर अव्यवस्था देखने को मिली। अस्पताल के सर्जिकल और डिलीवरी वार्ड में पानी भर जाने से मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल स्टाफ को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वार्डों और गलियारों में जलभराव के कारण इलाज की व्यवस्था भी प्रभावित हुई।
सबसे अधिक चिंता की बात यह रही कि डिलीवरी वार्ड और नवजात शिशुओं तक भी पानी पहुंच गया, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ गया। मरीजों के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि बारिश के मौसम में हर साल ऐसी स्थिति बनती है, लेकिन आज तक स्थायी समाधान नहीं किया गया।
अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. आलोक गुप्ता के अनुसार, अस्पताल की पुरानी इमारत आसपास के क्षेत्र से लगभग पांच फीट नीचे स्थित है। साथ ही नई बिल्डिंग के निर्माण के कारण ड्रेनेज व्यवस्था प्रभावित हुई, जिससे पानी की निकासी नहीं हो सकी। उन्होंने बताया कि जल निकासी का कार्य तत्काल शुरू कर दिया गया है तथा स्थायी समाधान के लिए बजट की मांग की गई है।
मामले की जानकारी मिलने पर पन्ना कलेक्टर सुरभि परमार अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने अस्पताल का निरीक्षण कर जल निकासी और ड्रेनेज व्यवस्था की समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
यह घटना एक बार फिर सरकारी अस्पतालों की आधारभूत सुविधाओं और बारिश से पहले की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। मरीजों का कहना है कि अस्पताल जैसी संवेदनशील जगहों पर ऐसी लापरवाही किसी बड़े खतरे का कारण बन सकती है।
फिलहाल अस्पताल से पानी निकालने का काम जारी है, जबकि प्रशासन ने समस्या के स्थायी समाधान का भरोसा दिया है।
- संविधान समाचार
- सह संपादक हीरालाल भारतीय
- संपादक राजकुमार भारतीय

