सीधी में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: तहसील कार्यालय का भृत्य ₹3 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
कलेक्टर परिसर में लोकायुक्त का ट्रैप, रिश्वत लेते कर्मचारी रंगे हाथ पकड़ा गया

रीवा/MP | संवाददाता: नंदन सिंह
मध्य प्रदेश के रीवा लोकायुक्त संगठन ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सीधी जिले के गोपद बनास तहसील कार्यालय में पदस्थ एक भृत्य (माल जमादार–नजारत/नकल शाखा) को ₹3,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
लोकायुक्त रीवा के अनुसार, महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देश, उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन तथा पुलिस अधीक्षक योगेश्वर शर्मा के नेतृत्व में यह ट्रैप कार्रवाई 8 जुलाई 2026 को की गई।

शिकायतकर्ता नागेन्द्र प्रसाद तिवारी (66), निवासी ग्राम गाड़ा लोलर सिंह, तहसील गोपद बनास, जिला सीधी ने अपनी पैतृक भूमि का वसीयत के आधार पर नामांतरण कराने के लिए एमपी ऑनलाइन लोक सेवा के माध्यम से आवेदन किया था। आरोप है कि इस कार्य को तहसीलदार से कराने के नाम पर तहसील कार्यालय में पदस्थ भृत्य दामोदर प्रसाद साकेत ने ₹3,000 रिश्वत की मांग की।

शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने 1 जुलाई 2026 को लोकायुक्त कार्यालय रीवा में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के सत्यापन में आरोप सही पाए जाने के बाद लोकायुक्त की टीम ने जाल बिछाया और आरोपी को कलेक्टर परिसर स्थित तहसील कार्यालय भवन के सामने शिकायतकर्ता से ₹3,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।
आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
इस ट्रैप कार्रवाई का नेतृत्व निरीक्षक नरेश बेहरा एवं निरीक्षक संदीप सिंह भदौरिया ने अपनी टीम के साथ किया।
लोकायुक्त संगठन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई शासकीय अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी शिकायत लोकायुक्त रीवा के हेल्पलाइन नंबर 98936 07619 पर तत्काल करें।
