VIP ठाठ को मारी ठोकर! जज ने छोड़ा सरकारी बंगला-कार, आधी सैलरी की मांग… वजह जानकर करेंगे सलाम
VIP जिंदगी छोड़ी, सादगी चुनी... सोशल मीडिया पर छाए जज साहब

खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा में पदस्थ अपर सत्र न्यायाधीश अक्षय कुमार द्विवेदी की सादगी और ईमानदारी की चर्चा पूरे देश में हो रही है। दावा किया जा रहा है कि उन्होंने आलीशान सरकारी बंगला, वीआईपी कार और अन्य सरकारी सुविधाएं लेने से साफ इनकार कर दिया। वे एक छोटे से कमरे में रहते हैं, अपना भोजन खुद बनाते हैं और रोज पैदल कोर्ट पहुंचते हैं।
इतना ही नहीं, उन्होंने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट से अपनी सैलरी आधी करने का भी अनुरोध किया है। निजी संपत्ति के नाम पर उनके पास केवल उनकी मां द्वारा दिया गया एक मोबाइल फोन बताया जाता है। उन्होंने आजीवन अविवाहित रहने का संकल्प भी लिया है और तबादले की स्थिति में भी न्यूनतम सरकारी सुविधाएं लेने की इच्छा जताई है।

बताया जाता है कि बचपन में अपनी मां को संपत्ति विवाद के कारण अदालतों के चक्कर लगाते देखकर उन्होंने न्यायाधीश बनने का फैसला किया था। यही वजह है कि वे अपनी अदालत में आने वाले मामलों, खासकर जमीन-जायदाद के विवादों का तेजी से निपटारा करने का प्रयास करते हैं, ताकि लोगों को वर्षों तक न्याय का इंतजार न करना पड़े।
✍️ संविधान समाचार “महान व्यक्ति वह नहीं, जिसके पास सबसे अधिक सुविधाएँ हों; महान वह है, जो अपने पद को सेवा, सादगी और न्याय का माध्यम बना दे। ऐसे आदर्श समाज में विश्वास जगाते हैं और आने वाली पीढ़ियों को सही दिशा दिखाते हैं।”— टीम संविधान समाचार
