दमोह को दोहरा सम्मान, पूरे प्रदेश में बना नंबर-1 जिला*
दमोह मध्यप्रदेश

दमोह/ MP : मध्य प्रदेश का दमोह एक बार फिर सुर्खियों में है। मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के 32वें स्थापना दिवस समारोह में जिले को दो प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाज़ा गया। कलेक्टर श्री कोचर के नेतृत्व में दमोह ने प्रशासनिक दक्षता और पारदर्शिता की मिसाल पेश की है।
1️⃣ मतदाता सूची पुनरीक्षण में प्रदेश में प्रथम स्थान
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा आयोजित समारोह में बताया गया कि दमोह जिले ने मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान में प्रदेशभर में सबसे अधिक 22,000 दावे-आपत्तियों का सफल निराकरण कर प्रथम स्थान प्राप्त किया।
यह उपलब्धि दर्शाती है कि जिले में मतदाता सूची को शुद्ध और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन ने विशेष अभियान चलाया।
हर पात्र नागरिक को मताधिकार दिलाने की दिशा में दमोह ने उदाहरण प्रस्तुत किया।
2️⃣ 77 मतदान केंद्रों पर सफल पेपरलेस मतदान
29 दिसंबर को दमोह जिले के 77 मतदान केंद्रों पर सफल और सुचारु रूप से पेपरलेस मतदान संपन्न कराया गया।
📍 बिना किसी बड़ी तकनीकी बाधा के शांतिपूर्ण मतदान
📍 आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग
📍 मतदाताओं को सरल और तेज प्रक्रिया का अनुभव
इसी उत्कृष्ट प्रबंधन के लिए दमोह को विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
🎤 कलेक्टर श्री कोचर का बयान
कलेक्टर श्री कोचर ने कहा कि यह सम्मान जिले के समर्पित अधिकारियों, कर्मचारियों और जागरूक मतदाताओं की सामूहिक मेहनत का परिणाम है। उन्होंने टीम वर्क और पारदर्शिता को सफलता का मूल मंत्र बताया।
📊 क्या है इस उपलब्धि का महत्व?
✔ लोकतंत्र की मजबूती
✔ मतदाता सूची की पारदर्शिता
✔ तकनीकी नवाचार का सफल प्रयोग
✔ प्रशासनिक कुशलता की मिसाल
दमोह का यह दोहरा सम्मान न केवल जिले बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के लिए गर्व का विषय है |
“जब इरादे मजबूत हों और प्रशासन ईमानदार हो, तो उपलब्धियां खुद इतिहास बन जाती हैं। दमोह ने साबित कर दिया कि लोकतंत्र की असली ताकत जागरूक मतदाता और जिम्मेदार प्रशासन में होती है।”
- संविधान समाचार न्यूज। दमोह से रिपोर्ट:- अशोक अहिरवार की खास खबर

