सिंगरौली में लोकायुक्त का बड़ा ट्रैप: 5000 रुपये रिश्वत लेते बाबू मुन्नालाल वर्मा रंगे हाथ गिरफ्तार
5000 रुपये लेते रंगे हाथ गिरफ्तार हुआ बाबू

सिंगरौली। MP मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में लोकायुक्त संगठन रीवा ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जनजातीय कार्य विभाग में पदस्थ एक बाबू को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मुन्नालाल वर्मा, उम्र 61 वर्ष, स्थापना प्रभारी कार्यालय सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग सिंगरौली के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता श्रवण तिवारी, जो एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना देवसर में भृत्य पद पर कार्यरत हैं, उनकी वर्ष 2024 से 2026 तक की वेतन वृद्धि और एरियर लंबित था। आरोप है कि जब उन्होंने अपने लंबित भुगतान को जारी कराने के लिए कार्यालय में संपर्क किया तो आरोपी मुन्नालाल वर्मा ने काम करने के एवज में 7000 रुपये रिश्वत की मांग की।
पीड़ित कर्मचारी ने मामले की शिकायत 25 मई 2026 को लोकायुक्त कार्यालय रीवा में दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त सुनील कुमार पाटीदार द्वारा शिकायत का सत्यापन कराया गया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई।
इसके बाद महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देश एवं उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में विशेष ट्रैप टीम गठित की गई। 29 मई 2026 को लोकायुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए आरोपी को जनजातीय कार्य विभाग के कार्यालय में ही शिकायतकर्ता से 5000 रुपये लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।
कार्रवाई के दौरान कार्यालय में हड़कंप मच गया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
इस ट्रैप कार्रवाई में निरीक्षक एस. राम मरावी, निरीक्षक संदीप भदोरिया सहित 12 सदस्यीय लोकायुक्त टीम और दो शासकीय गवाह शामिल रहे।
लोकायुक्त की इस कार्रवाई को सिंगरौली जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।


