बसपा को बड़ा झटका: इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का निधन, कैंसर से थे पीड़ित
जिस नेता ने अकेले बचाई थी बसपा की साख, अब नहीं रहे उमाशंकर सिंह

बलिया/नई दिल्ली। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के इकलौते विधायक और उत्तर प्रदेश की रसड़ा विधानसभा सीट से लगातार तीन बार निर्वाचित हुए उमाशंकर सिंह का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह कैंसर से पीड़ित थे और दिल्ली में उनका इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से उत्तर प्रदेश, विशेष रूप से बलिया जिले और पूर्वांचल में शोक की लहर दौड़ गई।
उमाशंकर सिंह ने वर्ष 2012, 2017 और 2022 में रसड़ा विधानसभा सीट से बसपा के टिकट पर लगातार जीत दर्ज की थी। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में, जब पूरे उत्तर प्रदेश में बसपा का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा, तब वह पार्टी के एकमात्र विधायक बनकर विधानसभा पहुंचे। इसके बाद उन्हें बसपा विधायक दल का नेता भी बनाया गया।
राजनीति के साथ-साथ उमाशंकर सिंह समाजसेवा के क्षेत्र में भी सक्रिय रहे। उन्होंने सैकड़ों जरूरतमंद जोड़ों के सामूहिक विवाह कराए और क्षेत्र के गरीब एवं जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए हमेशा आगे रहे। इसी कारण रसड़ा के साथ-साथ पूरे पूर्वांचल में उनकी अलग पहचान और लोकप्रियता थी।
उनके निधन पर बसपा प्रमुख मायावती, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है। नेताओं ने इसे उत्तर प्रदेश की राजनीति और समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।
उमाशंकर सिंह के निधन से बहुजन समाज पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। पार्टी ने अपना सबसे अनुभवी और जनाधार वाला विधायक खो दिया है। वहीं बलिया और रसड़ा की जनता अपने लोकप्रिय जनप्रतिनिधि के निधन से गहरे शोक में है।
संविधान समाचार दिवंगत विधायक उमाशंकर सिंह को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा शोकाकुल परिवार और समर्थकों को इस दुख को सहने की शक्ति दें।

