सारु-मारु बौद्ध स्तूप महोत्सव: “शिक्षित और संगठित समाज ही संघर्ष की नींव” – डॉ. राजेश सोनगरा
Sehore
सीहोर। जिला मुख्यालय के समीपस्थ ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक स्थल सारु-मारु में सारु-मारु कल्याण समिति द्वारा आयोजित वार्षिक ‘बौद्ध स्तूप महोत्सव’ का गरिमामयी समापन हुआ। इस अवसर पर देशभर के बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों और धम्म प्रेमियों ने शिरकत की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बहुजन समाज को अपनी जड़ों से जोड़ना और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना रहा।
शिक्षा और संगठन पर जोर……कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं युवा क्रांति मिशन – डॉ. अम्बेडकर राष्ट्रीय युवा संघ (DARYS) के राष्ट्रीय अध्यक्ष व संस्थापक डॉ. राजेश सोनगरा ने अपने ओजस्वी भाषण में समाज के वर्तमान हालातों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “85% बहुजन समाज को अपनी बिखरी हुई शक्ति को संजोना होगा। बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर का मूल मंत्र ‘शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो’ आज के दौर में और भी प्रासंगिक हो गया है। जब तक समाज बौद्धिक रूप से समृद्ध नहीं होगा, तब तक वास्तविक आजादी और बराबरी का सपना अधूरा है।”
गगन मलिक ने दी धम्म की सीख……प्रसिद्ध अभिनेता और गगन मलिक फाउंडेशन के संस्थापक आयुष्मान गगन मलिक ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने युवाओं से कहा कि बुद्ध का मार्ग ही विश्व शांति और व्यक्तिगत उन्नति का मार्ग है। उन्होंने ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए युवाओं की भागीदारी को अनिवार्य बताया।
मंच पर विराजे प्रबुद्ध जन… विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित डॉ. मनोज कुमार कुर्मी (अधीक्षण पुरातत्वविद, ASI भोपाल) ने सारु-मारु के पुरातात्विक महत्व पर तकनीकी जानकारी साझा की। वहीं, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता मा. सत्यप्रकाश गौतम ने संवैधानिक अधिकारों और कानूनी जागरूकता पर बात की।
इनकी रही विशेष उपस्थिति: * राहुल बलेचा: प्रदेश अध्यक्ष, DARYS (युवा क्रांति मिशन)।
* डॉ. सुमेध थेरो: पूर्व प्रधान वैज्ञानिक, भारत सरकार।
* मा. धम्मरत्न सोमकुंवर: राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष, दी बोधिस्त सोसाइटी ऑफ इंडिया।
* मा. मोतीलाल आलमचंद: धम्मलिपिकार एवं लेखक।
* मा. अतुल भोसेकर: बौद्ध संस्कृति अभ्यासक, महाराष्ट्र।
* भंते सागर (भोपाल) एवं अन्य गणमान्य नागरिक।
सांस्कृतिक छटा और आभार
कार्यक्रम में राष्ट्रीय संगीतकार मा. शशि भूषण ने अपने क्रांतिकारी और धम्म गीतों से उपस्थित जनसमूह में जोश भर दिया। कार्यक्रम के अंत में युवा क्रांति मिशन (DARYS) की जिला इकाई और सारु-मारु कल्याण समिति ने महोत्सव को सफल बनाने के लिए प्रशासन और समस्त आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।


