
अमेरिका/ ईरान:– करीब 39 दिनों तक चले भीषण संघर्ष के बाद अमेरिका और ईरान के बीच 2 सप्ताह का अस्थायी युद्धविराम (Ceasefire) लागू हो गया है। इस समझौते को संभव बनाने में पाकिस्तान की मध्यस्थता अहम रही।
⚔️ हमले पूरी तरह रुके
दोनों देशों ने सहमति जताई है कि अगले 14 दिनों तक एक-दूसरे पर कोई सैन्य हमला नहीं किया जाएगा। इससे वैश्विक स्तर पर राहत की भावना देखी जा रही है।
📜 ईरान की शर्तें क्या हैं?
ईरान ने 10-सूत्रीय प्रस्ताव पेश किया है, जिसमें प्रमुख मांगें शामिल हैं:
होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण
अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंध हटाने की मांग
भविष्य में आक्रामक कार्रवाई न करने की गारंटी
इस पर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह प्रस्ताव “बातचीत के लिए व्यावहारिक आधार” प्रदान करता है
🤝 10 अप्रैल को अहम बैठक
स्थायी शांति की दिशा में अगला कदम उठाते हुए 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में पहली वार्ता प्रस्तावित है, जहां दोनों पक्ष आमने-सामने बातचीत करेंगे।
🌍 इजराइल ने भी दी सहमति
रिपोर्ट्स के अनुसार इजराइल ने भी इस अस्थायी युद्धविराम को मंजूरी दे दी है, जिससे क्षेत्रीय तनाव कम होने की उम्मीद है।
⚠️ अभी सिर्फ अस्थायी राहत
विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल अस्थायी सीजफायर है, स्थायी समाधान अभी दूर है। आने वाले दिनों में बातचीत की सफलता ही भविष्य तय करेगी।
📝 निष्कर्ष:
दुनिया की निगाहें अब 10 अप्रैल की वार्ता पर टिकी हैं। अगर बातचीत सफल रहती है, तो यह समझौता मध्य-पूर्व में स्थायी शांति की दिशा में ऐतिहासिक कदम बन सकता है।
🗞️ (संविधान समाचार | विशेष संवाददाता)


