बुंदेलखंड केसरी महाराजा छत्रसाल के नाम पर हो छतरपुर मेडिकल कॉलेज,
बुंदेलखंड विरासत बचाओ मंच ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

छतरपुर।MP – बुंदेलखंड विरासत बचाओ मंच ने छतरपुर में नवनिर्मित मेडिकल कॉलेज का नाम बुंदेलखंड केसरी महाराजा छत्रसाल के नाम पर रखने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एक विस्तृत ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपा। मंच का कहना है कि महाराजा छत्रसाल केवल बुंदेलखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के गौरव हैं। उन्होंने अपने अद्वितीय साहस, नेतृत्व और संघर्ष के बल पर एक विशाल साम्राज्य स्थापित किया तथा बुंदेलखंड को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई। ऐसे महान योद्धा और लोकनायक के सम्मान में मेडिकल कॉलेज का नामकरण किया जाना क्षेत्र की ऐतिहासिक विरासत को सम्मान देने वाला कदम होगा।
बुंदेलखंड विरासत बचाओ मंच के प्रदेश अध्यक्ष पीएस बुंदेला ने कहा कि महाराजा छत्रसाल का योगदान केवल इतिहास तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी वीरता और राष्ट्रभक्ति आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि छतरपुर में स्थापित मेडिकल कॉलेज यदि उनके नाम से जाना जाएगा, तो यह पूरे बुंदेलखंड के लोगों के लिए गर्व का विषय होगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान मंच के जिला अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह, उपाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, सचिव विजेंद्र सिंह, भाजपा के वरिष्ठ नेता सावंत सिंह तथा वरिष्ठ पत्रकार कल्याण सिंह चौहान सहित कई पदाधिकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
धुबेला संग्रहालय के आधुनिकीकरण की भी उठी मांग
प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर से मुलाकात के दौरान धुबेला संग्रहालय के आधुनिकीकरण पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने संग्रहालय में आधुनिक सुविधाएं विकसित करने, पर्यटकों के लिए लाइट एंड साउंड शो शुरू कराने तथा संग्रहालय तक पहुंचने के लिए उचित सूचकांक (साइनेज) लगाए जाने की मांग रखी। मंच का कहना है कि महाराजा छत्रसाल से जुड़ा यह प्रदेश का एकमात्र सरकारी संग्रहालय है, इसलिए इसे राष्ट्रीय स्तर के पर्यटन एवं ऐतिहासिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।
महाराजा छत्रसाल बोर्ड और ‘महाराजा छत्रसाल लोक’ बनाने की मांग

मंच के जिला अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह ने ज्ञापन के माध्यम से यह भी मांग की कि प्रदेश में महाराणा प्रताप बोर्ड की तर्ज पर महाराजा छत्रसाल बोर्ड का गठन किया जाए। इसके साथ ही महाराणा प्रताप लोक की तरह महाराजा छत्रसाल लोक की स्थापना कर उनके जीवन, संघर्ष और ऐतिहासिक योगदान को स्थायी रूप से संरक्षित एवं प्रदर्शित किया जाए।
प्रशासन ने दिया सकारात्मक आश्वासन
प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर के साथ-साथ अपर कलेक्टर (एडीएम) से भी मुलाकात कर सभी मांगों पर सहयोग का आग्रह किया। मंच के अनुसार, कलेक्टर और अपर कलेक्टर दोनों ने मेडिकल कॉलेज के नामकरण सहित अन्य मांगों को शासन स्तर तक पहुंचाने और यथासंभव सकारात्मक सहयोग देने का आश्वासन दिया।
बुंदेलखंड विरासत बचाओ मंच ने उम्मीद जताई है कि राज्य सरकार क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक भावनाओं का सम्मान करते हुए छतरपुर मेडिकल कॉलेज का नाम बुंदेलखंड केसरी महाराजा छत्रसाल के नाम पर रखने सहित अन्य मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी।
- संविधान समाचार
- ब्यूरो चीफ अशोक अहिरवार

