अशोकनगर में 14 सरकारी स्कूलों को मर्ज करने के विरोध में छात्रों और अभिभावकों का प्रदर्शन, शिक्षामंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी

अशोकनगर | 30 जून 2026 मध्य प्रदेश के अशोकनगर में शहर के 14 सरकारी स्कूलों को सीएम राइज (सांदीपनी) स्कूल में मर्ज कर बंद किए जाने के प्रस्ताव के विरोध में छात्रों, अभिभावकों और नागरिकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। स्कूल बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले पछाड़ी खेड़ा चौराहा पर आयोजित प्रदर्शन के बाद शिक्षामंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर स्कूलों को बंद करने की प्रक्रिया तत्काल रोकने की मांग की गई।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए स्कूल बचाओ संघर्ष समिति के राज्य समिति सदस्य अमरीक संधू ने कहा कि जिन सरकारी स्कूलों की स्थापना शिक्षा के प्रसार के लिए महापुरुषों के संघर्ष और जनसहयोग से हुई थी, आज उन्हीं स्कूलों को बचाने के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में सरकारी स्कूलों को सीएम राइज (सांदीपनी) स्कूलों में मर्ज कर बंद किया जा रहा है, जिससे आम परिवारों के बच्चों की शिक्षा प्रभावित होगी।
समिति के जिला संयोजक देवेंद्र विजौरे ने कहा कि अशोकनगर के इटवा (मलखेड़ी) स्थित सांदीपनी विद्यालय में शहर के 14 सरकारी स्कूलों को मर्ज किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मगरदा का प्राथमिक विद्यालय पहले ही बंद किया जा चुका है, जबकि करीब 800 छात्रों वाले पछाड़ी खेड़ा स्थित शासकीय विद्यालय क्रमांक-2 को भी बंद करने की प्रक्रिया जारी है।
उन्होंने कहा कि नया सांदीपनी विद्यालय शहर से लगभग 5 किलोमीटर दूर है, जबकि आसपास के कई गांवों के छात्रों को 9 से 10 किलोमीटर तक की दूरी तय करनी पड़ेगी। ऐसे में छोटे बच्चों, विशेषकर छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका है। साथ ही सीमित सीटों के कारण सभी विद्यार्थियों को प्रवेश मिलना भी संभव नहीं होगा।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने सरकारी स्कूलों में शौचालय, पेयजल, बिजली, जर्जर भवन और शिक्षकों की कमी जैसी समस्याओं का भी मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि सरकार इन मूलभूत समस्याओं के समाधान के बजाय स्कूलों को बंद करने की दिशा में काम कर रही है।
नगर पालिका नेता प्रतिपक्ष रीतेश जैन ने भी आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि सरकारी स्कूलों को बंद करना गरीब, मजदूर और किसान परिवारों के बच्चों की शिक्षा पर सीधा प्रभाव डालेगा। उन्होंने सभी नागरिकों से इस जनआंदोलन में शामिल होने की अपील की।
प्रदर्शन में मोतीलाल, रेखा केवट, उदयभान सहित कई अभिभावकों, छात्रों और शहर व ग्रामीण क्षेत्रों से आए नागरिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन समिति सदस्य पूजा ने किया।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें
- – शासकीय विद्यालय क्रमांक-2 सहित अशोकनगर के 14 सरकारी स्कूलों को बंद करने की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए।
- – प्रदेश में सरकारी स्कूलों के मर्जरसी और बंदी की नीति पर पुनर्विचार किया जाए।
- – सरकारी स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं और शिक्षकों की कमी दूर की जाए।
- – पुराने एक्सीलेंस स्कूल परिसर में शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की नई इमारत का निर्माण शीघ्र शुरू किया जाए।
- प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

