अशोकनगर में स्कूल मर्जर के खिलाफ फूटा गुस्सा, छात्रों-अभिभावकों ने किया विरोध प्रदर्शन
“स्कूल बचाओ” आंदोलन ने पकड़ा जोर

अशोकनगर | संविधान समाचार
सरकारी स्कूलों को बंद कर सीएम राइज (सांदीपनी) स्कूलों में मर्ज किए जाने के फैसले के खिलाफ अशोकनगर में छात्रों, अभिभावकों और नागरिकों का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दिया। विदिशा रोड स्थित पानी की टंकी के सामने “स्कूल बचाओ संघर्ष समिति” के बैनर तले बड़ी संख्या में लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार 94 हजार सरकारी स्कूलों को सांदीपनी स्कूलों में मर्ज कर बंद करने की तैयारी कर रही है। अशोकनगर में शहर के 14 सरकारी स्कूलों को इटवा मलखेड़ी स्थित सांदीपनी स्कूल में मर्ज किया जा रहा है, जिससे छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी है।
संघर्ष समिति के जिला संयोजक देवेंद्र विजौरे ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले ने शिक्षा को घर-घर पहुंचाने के लिए संघर्ष किया था, लेकिन आज सरकारी स्कूलों को बचाने के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि हाल ही में 800 छात्रों वाले शासकीय माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-02 को भी बंद कर दिया गया है। नया स्कूल शहर से लगभग 5 किलोमीटर और ग्रामीण क्षेत्रों से 9 से 10 किलोमीटर दूर होने के कारण छोटे बच्चों और खासकर छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
लोगों का कहना है कि सीमित सीटों और दूरी के कारण कई बच्चे पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो सकते हैं। साथ ही सरकारी स्कूलों में शौचालय, पानी, बिजली और जर्जर भवन जैसी समस्याओं को दूर करने के बजाय स्कूल बंद किए जा रहे हैं।
प्रदर्शन के दौरान टीईटी की अनिवार्यता और शिक्षा विभाग में खाली पड़े पदों को लेकर भी नाराजगी जताई गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्रों से लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर प्रदर्शन में शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें:
- 94 हजार सरकारी स्कूलों को बंद करने का फैसला वापस लिया जाए
- अशोकनगर के 14 स्कूलों का मर्जर रोका जाए
- कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल की नई बिल्डिंग का निर्माण शुरू किया जाए
- टीईटी की अनिवार्यता समाप्त की जाए
- सरकारी स्कूलों की मूलभूत समस्याएं दूर की जाएं
अशोकनगर से राजकुमार भारतीय की रिपोर्ट | संविधान समाचार