महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती पर पड़रिया गांव में पुष्पांजलि सभा आयोजित
कार्यक्रम में ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दी श्रद्धांजलि

अशोकनगर | 14 जून 2026
- महात्मा ज्योतिबा राव फुले की 200वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में महात्मा ज्योतिबा फुले जन्म द्विशताब्दी वर्ष आयोजन समिति द्वारा अशोकनगर जिले के पड़रिया गांव में पुष्पांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर महात्मा फुले को श्रद्धांजलि अर्पित की।
सभा को संबोधित करते हुए समिति के सदस्य महेन्द्र नायक ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा राव फुले ने ऐसे समय में सामाजिक सुधार का अभियान शुरू किया, जब देश में जातिवाद, छुआछूत, बाल विवाह, सती प्रथा और महिलाओं के प्रति भेदभाव जैसी कुप्रथाएं प्रचलित थीं। उन्होंने इन कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष करते हुए शिक्षा और समानता का संदेश दिया।
उन्होंने बताया कि महात्मा फुले ने सबसे पहले अपनी पत्नी सावित्रीबाई फुले को शिक्षित किया और बाद में उनके साथ मिलकर महिलाओं एवं वंचित वर्गों के लिए विद्यालय खोले। इसी कारण सावित्रीबाई फुले को देश की पहली महिला शिक्षिका माना जाता है। कार्यक्रम में फातिमा शेख और उस्मान शेख सहित अन्य समाज सुधारकों के योगदान को भी याद किया गया।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में वर्तमान शिक्षा व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने के लिए सरकारी विद्यालयों को मजबूत करना आवश्यक है और महात्मा फुले के शिक्षा एवं सामाजिक न्याय के विचार आज भी प्रासंगिक हैं
कार्यक्रम में गजराम अहिरवार, मेहरवान सिंह, अभिषेक सोलंकी, विकास सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन विक्रम तांवरे ने किया।
- संविधान समाचार , अशोकनगर
- संपादक राजकुमार भारतीय
