पांढुर्ना में माता रमाबाई अंबेडकर की 91वीं पुण्यतिथि पर भव्य श्रद्धांजलि सभा आयोजित
डॉ. अंबेडकर चौराहा पर जुटे युवा, सामाजिक कार्यकर्ता और प्रबुद्ध नागरिक

पांढुरना. MP :- मध्यप्रदेश के पांढुर्ना स्थित डॉ. अंबेडकर चौराहा पर माता रमाबाई अंबेडकर की 91वीं पुण्यतिथि के अवसर पर भव्य श्रद्धांजलि सभा एवं स्मृति कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा, सामाजिक कार्यकर्ता एवं प्रबुद्ध नागरिक शामिल हुए।
इस दौरान उपस्थित लोगों ने माता रमाबाई अंबेडकर के संघर्षमय जीवन, त्याग, समर्पण और बहुजन समाज के उत्थान में उनके अमूल्य योगदान को याद करते हुए भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम में सिद्धार्थ बागडे, धनंजय पाटील, महेंद्र वाहने, एडवोकेट पंकज गायकवाड, बाबूराव गोलाइत, विज्ञान जंगम, नरेंद्र बागडे, नागराज बहाने, रामसु उइके, विनोद गजभिए, विनोद शिंदे, योगेश धोखे, श्यामराव बोथे एवं रामेश्वर सलामें सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के सामाजिक आंदोलन और शिक्षा संघर्ष के पीछे माता रमाबाई अंबेडकर का त्याग और सहयोग एक मजबूत आधार था। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने बाबा साहेब का साथ नहीं छोड़ा और समाज परिवर्तन के मिशन में एक मौन शक्ति बनकर कार्य किया।
इस अवसर पर विज्ञान जंगम ने कहा कि माता रमाबाई अंबेडकर का जीवन आज भी समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने युवाओं से उनके आदर्शों को अपनाने और शिक्षा व सामाजिक जागरूकता को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
वहीं सिद्धार्थ बागडे ने अपने संबोधन में त्याग, समर्पण और सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व पर जोर देते हुए युवाओं को समाजहित में कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान सभी समाजजनों ने माता रमाबाई अंबेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान पूरा वातावरण “जय भीम” के नारों से गूंज उठा।
कार्यक्रम का संचालन महेंद्र वाहने और योगेश धोखे द्वारा किया गया। अंत में सभी उपस्थित लोगों ने शिक्षा, सामाजिक समानता और बाबा साहेब के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
संविधान समाचार के लिए राजकुमार भारतीय की रिपोर्ट।
